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मोहब्बत के भी कुछ अंदाज़ होते हैं, जगती आँखों के भी कुछ ख्वाब होते हैं, जरुरी नहीं के ग़म में आँसू ही निकले, मुस्कुराती आँख…
नींद चुराने वाले पूछते हैं सोते क्यों नही, इतनी ही फिक्र है तो फिर, हमारे होते क्यों नही नाराज़गी में दबे रहते है, खामोश रह…