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कितने ग़ुरूर से रहते होंगे कितने इतराते होंगे, जाने कैसे वो लोग होंगे जो उस को हर रोज़ पाते होंगे। उस खिड़की में अब कोई नह…
करीब रहो इतना कि रिश्तों में प्यार रहे , दूर भी रहो इतना कि आने का इतज़ार रहे . रखो उम्मीद रिश्तों के दरमिया इतनी , …
एक शाम आती है तुम्हारी याद लेकर , एक शाम जाती है तुम्हारी याद देकर , पर मुझे तो उस शाम का इंतेज़ार…