करीब रहो इतना कि रिश्तों में प्यार रहे ,
दूर भी रहो इतना कि आने का इतज़ार रहे .
रखो उम्मीद रिश्तों के दरमिया इतनी ,
कि टूट जाये उम्मीद मगर रिश्ते बरकरार रहें .
कबूल हो गई हर दुआ हमारी ,
मिल जो गई हमें चाहत ♥ तुम्हारी .
अब नही चाहत है दिल में हमारे कुछ ,
जब से मिल गई है मोहब्बत तुम्हारी ,
ना कहती कि मुझें हद से ज्यादा चाहों ,
कि मेरे लिए चाँद तारे तोड़ लाओं
पर एक नजर प्रेम से तो उठाया करों ,
साथ में एक मुस्कान भी लाया करो।
जो दिल ♥से चाहा था वो मिला हमकों ,
ईश्वर से ना कोई गिला शिकवे है .
ना ही कोई तमन्ना है अब हमारी ,
जब से हमने आपकों पाया हैं .


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