सोचा था तड़पायेंगे हम उन्हें,

किसी और का नाम लेके जलायेगें उन्हें,

फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके दर्द मुझको ही होगा,

तो फिर भला किस तरह सताए हम उन्हें।


आँखें थक गई है आसमान को देखते देखते

पर वो तारा नहीं टूटता ,जिसे देखकर तुम्हें मांग लूँ


मोहब्बत है या नशा था जो भी था कमाल का था

रूह तक उतारते उतारते जिस्म को खोखला कर गया

Heart Broken Shayari in Hindi | Step to Shayari


रुठुंगा अगर तुजसे तो इस कदर रुठुंगा की ,,

ये तेरीे आँखे मेरी एक झलक को तरसेंगी !!


दिन हुआ है, तो रात भी होगी,

मत हो उदास, उससे कभी बात भी होगी।

वो प्यार है ही इतना प्यारा,

ज़िंदगी रही तो मुलाकात भी होगी।


तुझसे अच्छे तो जख्म हैं मेरे ।

उतनी ही तकलीफ देते हैं जितनी बर्दास्त कर सकूँ


किसी को कितना भी प्यार दे दो

आखिर में उसे थोड़ा कम ही लगता है


वो बिछड़ के हमसे ये दूरियां कर गई,

न जाने क्यों ये मोहब्बत अधूरी कर गई,

अब हमे तन्हाइयां चुभती है तो क्या हुआ,

कम से कम उसकी सारी तमन्नाएं तो पूरी हो गई।


मेरी हर आह को वाह मिली है यहाँ…..

कौन कहता है दर्द बिकता नहीं है !


मुझे भी याद रखना जब लिखो तारीख वफ़ा की

मैंने भी लुटाया है मोहब्बत मैं सकूँ अपना


होले होले कोई याद आया करता है,

कोई मेरी हर साँसों को महकाया करता है,

उस अजनबी का हर पल शुक्रिया अदा करते हैं,

जो इस नाचीज़ को मोहब्बत सिखाया करता है।


तुमने समझा ही नहीं और ना समझना चाहा,

हम चाहते ही क्या थे तुमसे “तुम्हारे सिवा


अगर कोई खता हो गई हो तो सजा बता दो,

क्यों है इतना दर्द बस इसकी वजह बता दो,

भले ही देर हो गई हो तुम्हे याद करने में,

लेकिन तुम्हे भूल जायेंगे ये ख्याल दिल से मिटा दो।


क्यों अनजाने में हम अपना दिल गवां बैठे,

क्यों प्यार में हम धोखा खा बैठे,

उनसे हम अब क्या शिकवा करे क्योंकि गलती हमारी ही थी,

क्यों हम वेदिल इंसान से दिल लगा बैठे।


क्या बात है, बड़े चुपचाप से बैठे हो.

कोई बात दिल पे लगी है या दिल कही लगा बैठे हो.


वो छोड़ के गए हमें,

न जाने उनकी क्या मजबूरी थी,

खुदा ने कहा इसमें उनका कोई कसूर नहीं,

ये कहानी तो मैंने लिखी ही अधूरी थी.


जिसने हमको चाहा उसे हम चाह न सके,

और जिसको हमने चाहा उसको हम पा न सके।


मत आने दो किसी को करीब इतना,

कि उससे दूर जाने से इंसान खुद से रूठ जाये|


चेहरों को बेनक़ाब करने में,

ए बुरे वक़्त तेरा हज़ार बार शुक्रिया। 


बेवफा लोग बढ़ रहे हैं धीरे धीरे,

इक शहर अब इनका भी होना चाहिए…


लगता है इस बादल का भी दिल टूटा है,

बोलता कुछ भी नहीं बस रोये जा रहा है। 


वो रो रो कर कहती रही मुझे नफरत है तुमसे,

मगर एक सवाल आज भी परेशान किये हुए है,

की अगर नफरत ही थी तो वो इतना रोई क्यों