मुहब्बत और प्यार में अक्सर हर आदमी ही फिसल जाता है। सबके जीवन में कोई न कोई वक़्त ऐसा जरूर आता है जब वह खुद से ज्यादा किसी को चाहने लगता है। क्या आप भी इस एहसास को महसूस करते हैं शायद करते होंगे जब ही तो आप यहाँ है। हमारी ये Love Shayari की पंक्तियाँ आपके ऊपर बहुत प्रभाव डालेंगीं। आइये आप सब भी अपने दिल की कुछ बातों को दुनिया के सामने रखिये। आपकी जिंदगी में इश्क़ का क्या दर्जा है और आप किससे सबसे ज्यादा मुहब्बत करते हैं मैंने कमेंट बॉक्स को आपकी फीलिंग्स के लिए रखा है।
माली है इस बाग़ में
यहाँ फूल की बात होगी
काटें चुभेंगे मगर कोई बात नहीं
यही से शुरुआत होगी
कौन कहता है अब बात नहीं होती
मिलते हैं रोज़ यहाँ मुलाक़ात नहीं होती
हजारों अश्क़ में डूबे दामन फिरते हैं
एक महबूब की बिन महबूब के रात नहीं होती
थक गयी मेरी जिन्दगी भी लोगों को जवाब देते-देते,
कहीं अब मेरी मौत ना लोगों का सवाल बन जाये।
Thak Gayi Meri Zindagi Bhi Logon Ko Jawab Dete Dete.
Kahin Ab Meri Maut Naa Logon Ka Sawal Ban Jaye.
अदा ऐसी के देखने को दिल करे
बेवफ़ा इश्क़ अब स्कूल जाने लगा
मैं तेरे इश्क़ के क़ाबिल नहीं
तू मुझे यूँ माफ़ कर दे
बेवफ़ाई का ज़िक्र न आए
चाहे जिंदगी को राख कर दे
जितना चाहे रुला ले मुझको,
तू ऐ जिन्दगी।
हँसकर गुजार दूंगा तुझको,
ये मेरी भी जिद है।
Jitna Chahe Rula Le Mujhko,
Tu E Zindagi.
Hanskar Guzar Dunga Tujhko,
Ye Meri Bhi Zidd Hai.
कहाँ से मिलते हैं फ़रियाद के काफिले
मेरी भी कुछ मन्नतें हैं जिंदगी में यार
इश्क़ लम्हा लम्हा फिर से बढ़ रहा है
अंजाम की फ़िक्र से मगर डर रहा है
तेरे पहलू से बंधे ऐसे
वो गांठ फिर खुल न पाई
तेरे बाद भी होते रहे दिल के हादसे
फिर भी दिल ने नज़रें न उठाईं
कुछ रहम कर ऐ जिंदगी,
थोडा संवर जाने दे।
तेरा अगला जख्म भी सह लेंगे,
पहले वाला तो भर जाने दे।
Kuchh Raham Kar E Zindagi,
Thoda Sanwar Jane De.
Tera Agla Zakhm Bhi Seh Lenge,
Pehle Wala To Bhar Jane De.
सपना सच हो मगर अपना न हो
अगर अपना हो तो फिर सपना न हो
कुछ वक़्त के लिए तोड़ देते हैं भरम उसका
आओ चलो हम मुहब्बत से मुँह मोड़ लेते हैं
वक्त सीखा देता है,
उसूल जिंदगी का।
फिर नसीब क्या? लकीर क्या?
और तकदीर क्या?
Waqt Sikha Deta Hai,
Wasool Zindagi Ka.
Phir Naseeb Kya, Lakeer Kya?
Aur Takdeer Kya?
जरूरत पड़े तो बता देना
हमें छोड़ कर जा सकते हो
दिखावा जरूरी नहीं है साहब
दिल तोड़ कर जा सकते हो
एक दिल है ये भर जाए अगर
हमें बोल कर जा सकते हो
अभी तय करना है मीलों का सफर
फिर इश्क़ हुआ है फिर एक जिंदगी है
ये जिंदगी है, साहब!
यहाँ पीठ पीछे छुरा मारने वाले निर्दोष,
और भरोसा करने वाले को दोषी मानते है।
Ye Zindagi Hai Sahab.
Yahan Peeth Pichhe Chura Marne Wale Nirdosh,
Aur Bharosha Karne Wale Ko Doshi Mante Hai.
काटों की साख़ से टूटा हुआ फूल है
कोई दर्द इसे अब रुला न सकेगा
ही अंदाज़ मुझे ज़माने में खलता है
चोट लगी है सीने में मुहब्बत में मचलता है
वक़्त ख़राब है उसका परवाह नहीं कोई
देखो इश्क़ का मारा सीना तान कर चलता है
परिंदे भी नहीं रहते,
पराये आशियानों में।
हमने जिंदगी गुजार दी,
किराये के मकानों में।
Parinde Bhi Nahi Rehte,
Paraye Aashiyanon Me.
Hamne Zindagi Guzar Di,
Kiraye Ke Makano Me.
ये दिल आज भी तन्हाई को याद करता है
एक शख़्स के सिवा कोई समझ न पाया हमें
लाखों फूल खिलते हैं चमन में हर रोज़
हमारा ग़ुलाब फिर हमको नहीं दिखता
बर्बादी इससे बड़ी अब
और क्या होगी
सीने में दर्द छुपा है
सरेआम दवा होगी
गैर मुक्कमल सी है ये जिंदगी,
और वक्त की बेतहाशा है रफ्तार।
रात इकाई, नींद दहाई,
ख्वाब सैकड़ा, दर्द हजार,
फिर भी जिंदगी मजेदार।
Gair Mukkmal Si Hai Ye Zindagi,
Aur Waqt Ki Bethasha Raftaar.
Raat Ekai, Neend Dahai,
Khwab Saikda, Dard Hazar,
Phir Bhi Zindagi Majedaar.
ख़्वाबों से निकलते महबूब हजार देखता हूँ
मुझे इंतज़ार है कि तेरा ख़्याल आ जाए
किस्मत भी मेरे इम्तिहान में आ जाती है
मैं तुझे पाता हूँ तो जिंदगी समझ आती है
सफर जो धूप का किया तो तजुर्बा हुआ।
वो जिंदगी ही क्या?
जो छांव-छांव चली हो।
Safar Jo Dhoop Ka Kiya To Tazurba Hua.
Wo Zindagi Hi Kya?
Jo Chhon Chhon Chali Ho.
हाथ मेरे नाम से
उसने गुदवा लिया
स्वेटर भी मेरे नाम का
उसने बुनवा लिया
कुछ बाकी रहा
तो एक साथ रहा
इश्क़ भी था
फिर भी बर्बाद रहा
हीर रांझे की जोड़ियां अब नहीं बनती
अब प्यार करने वालों पे धाराएं लगी हैं
जिंदगी में अपनापन तो हर कोई दिखाता है।
पर अपना कौन है?
यह तो सिर्फ वक्त ही बताता है।
Zindagi Me Apnapan To Har Koi Dikhata Hai.
Par Apna Kaun Hai?
Yah To Sirf Waqt Hi Batata Hai.
प्यार नहीं रहा अब पुराना वाला
लोग बदल रहे हैं अब दुनिया की तरह
काफ़ी हद तक तुझे मैंने चाहा
ये मुलाकाते मेरी यूँ बेकार न कर
कोई ख़ामी हो तो बेशक़ मुझे बता
कुछ बोल ख़ामोशी से यूँ प्यार न कर
जिंदगी जिन्हें खुशी नहीं देती,
उन्हें तजुर्बा जरूर दे देती है।
Zindagi Jinhe Khushi Nahi Deti,
Unhe Tazurba Jarur De Deti Hai.
बड़े ऊँचे मुकाम पर हूँ मगर याद आता है
जिंदगी का हर लम्हा बड़ी मुश्किल से जिया जाता है
जिंदगी तुझसे पूछ कर चलती थी हमारी
अब हाल ये है मौत बेहतर लगती है तुझसे
मेले लगे हुए है मौसम-ए-बरसात के
बूंदा बांदी हमारे यहाँ भी काफी है
याद में खोए हुए हैं पहली मुलाकात की
चाय है कॉफ़ी है बस तेरी कमी बाकी है
जिंदगी की राह पर अगर चलते-चलते थक जाओ,
तो थोड़ी देर बैठ जाना।
इतनी भी क्या जल्दी है गालिब।
Zindagi Ki Raah Par Agar,
Chalte Chalte Thak Jao.
To Thodi Der Baith Jana,
Itni Bhi Kya Jaldi Hai Ghalib.
मज़ा है जिंदगी का दुश्मन से हाथ मिलाने में
जब दोस्त भी पीठ में वार को तैयार बैठे हों
जिंदगी के कुछ राज़ हम भी छुपाए हुए हैं
हमसे भी नजरें मिलाओ हम भी आए हुए हैं
भरी महफ़िल है सब तुम्हारे दीवाने बैठे हैं
एक हम ही हैं यहाँ जो तुम्हारे सताए हुए हैं
शिकवा तकदीर का ना शिकायत अच्छी,
खुदा जिस हाल में रखे वही जिंदगी है अच्छी।
Shikwa Takdeer Ka Naa Shikayat Achhi,
Khuda Jis Haal Mein Rakhe,
Wahi Zindagi Hai Achhi.
तुझसे शुरू होती होती है जिंदगी
तेरे साथ ही इसको आबाद करता हूँ
तू मान जाएगी एक दिन कभी तो
यही आस यही प्यार यही इंतज़ार करता हूँ
रही जिंदगी तो फिर वफ़ा होगी
इश्क़ नहीं तो कुछ और सजा होगी
जिंदगी से पूछो ये क्या चाहती है?
बस एक तेरी वफा चाहती है।
Zindagi Se Poocho Ye Kya Chahti Hai?
Bas Ek Teri Wafa Chahti Hai.
दिल से दिल मिलना इश्क़ का सफ़र है
इसी सफ़र में खो चुके हैं हमसफ़र
उलझने काफी है मेरी जिंदगी में
बढ़ती रहती हैं जो सिमटती भी नहीं
सीने में होकर भी दिल मेरा नहीं होता
तेरी यादें हैं जो फिर छुपाक्ति भी नहीं
जिंदगी से तो निकाल ही दिया है,
अपनी यादों से भी आजाद कर दो ना।
Zindagi Se To Nikal Hi Diya Hai.
Apni Yaadon Se Bhi Aazad Kar Do Naa.
शाम होती नहीं सुबह आ जाती है
ये कहानी जिंदगी में रोज़ घट जाती है
मैं इंतज़ार करता रहता हूँ शिकायत का
वो मुझसे बिन बोले कोई वजह चाहती है
ऐ दिल ठहर जा थोड़ा सब्र कर
पलके झुकी हैं तो नजरें भी मिलेंगीं
आसमां परेशां है
धरती की बेचैनी से
पानी भी उसके पास है
रुका हुआ है इज़ाज़त पे
सीख लिया है अब मैंने जिंदगी जीना।
अब चाहे तू वापस आए या ना आए,
कोई फर्क नहीं पड़ता।
Sikha Liya Hai Ab Maine Zindagi Jeena.
Ab Chahe Tu Wapas Aaye Ya Naa Aaye,
Koi Fark Nahi Padta.
दबा लेते हैं दिल की धड़कन दिल में
आँसू हैं के आंख में छुपाए नहीं जाते
महज़ कुछ लोग होते हैं जो राज़ जान लेते हैं
वरना कुछ किस्से किसी को बताए नहीं जाते
कुदरत अज़ीब खेल खेलती है जिंदगी से
वरना कुछ लोग यक़ीनन दिल में बसाए नहीं जाते
हज़ारों ग़म भरे हैं सीने में
दवा कहाँ से लाऊँ
जहाँ भी देखूं तू दिखती है
मज़ा कहाँ है जीने में
चुपचाप गुजार देंगे तेरे बिना भी ये जिंदगी।
बता देंगे लोगों को कि मोहब्बत ऐसी भी होती है।
Chup Chaap Guzar Denge,
Tere Bina Bhi Ye Zindagi.
Bata Denge Logon Ko Bhi,
Mohabbat Aisi Bhi Hoti Hai.
मजबूर हैं हालात ये शौक नहीं है
मुझको तेरे जैसा कोई रोग नहीं है
मैं रहूं न कहीं का फिर भी लाज़बाब रहूँगा
तू बता भी ज़माने को मैं न किसी से कहूंगा
किस किस से छुपाऊं
उस बेवफ़ा की बातें
दिल जब साफ़ होता है
जुबां खुल ही जाती है
जिंदगी बहुत छोटी है।
इसलिए उस इंसान के साथ,
ज्यादा वक्त बिताओ,
जो आपको हर वक्त
खुशी और प्यार देना चाहता हो।
Zindagi Bahut Chhoti Hai.
Isiliye Us Insaan Ke Saath,
Jyada Waqt Bitao.
Jo Aapko Har Waqt,
Khusi Aur Pyar Dena Chahta Ho.
ज़माने से चीख चीख कर कुछ कहता है
चाँद से उस पार भी कोई रहता है
तुम्हें ना होती बर्दाश्त एक शख्स की
सोचो वो इतना सब कुछ कैसे सहता है
साथ चलो तो इस क़दर बयां करना
साथ न मिले तो जिंदगी फ़ना करना
टहनी कट जाए मगर पत्ता न टूटे
जिंदगी को चाहे इस क़दर तबाह करना
ना रास्ते ने साथ दिया,
ना मंजिल ने इंतजार किया।
मैं क्या लिखूं अपनी जिंदगी पर,
मेरे साथ तो उम्मीदों ने भी मजाक किया।
Na Raste Ne Saath Diya,
Na Manzil Ne Intjaar Kiya.
Main Kya Likhun Apni Zindagi Par,
Mere Saath To Ummedon Ne Bhi Mazak Kiya.
चाँद तारों से मेरा गहरा रिश्ता है
इन्ही सितारों में मेरा एक फ़रिश्ता है
हजारों से बिगड़ी थी
तब जाकर तुझे पाया था
मरने तक याद रखेंगें
किसी से दिल लगाया था
दिल थोड़ा-सा परेशान है
हाल पूछने का अरमान है
बता देना तुम्हारी तबियत कैसी है
ये आज तुम्हारे घर का मेहमान है
मुझको कहने दो,
मैं आज भी जी सकता हूं।
इश्क नाकाम सही,
जिंदगी नाकाम नहीं।
Muhko Kehne Do,
Main Aaj Bhi Jee Sakta Hoon.
Ishq Naakam Sahi,
Zindagi Naakam Nahi.
मरहम बना रहा हूँ आशिक़ों के लिए
कौन कहता है मुझे फुर्सत है पीने की
जख़्मी मेरा भी दिल हुआ इश्क़ में
मेरे पास भी वजह नहीं है जीने की
गुस्ताख़ियां कुछ हो जाती है इश्क़ में
जब कुछ ना-समझ लोग मुहब्बत कर बैठते हैं
जिंदगी जीने के लिए मिली थी।
लोगों ने सोचने में ही गुजार दी।
Zindagi Jeene Ke Liye Mili Thi.
Logon Ne Sochne Me Hi Guzar Di.
जब चलना नहीं आता था,
तब कोई गिरने नहीं देता था।
और जब चलना सीख लिया तो,
हर कोई गिराने में लगा है।
Jab Chalna Nahi Aata Tha,
Tab Koi Girne Nahi Deta Tha.
Aur Jab Chalna Sikh Liya Toh,
Har Koi Girane Me Laga Hai.
फ़ारिग़ हो अगर वक़्त से
तो चलो कुछ वक़्त बिताते हैं
इश्क़ मुहब्बत अपनी जगह है
चलो कुछ दुनियादारी निभाते हैं

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