कोई वहा तक माफ़ करता है
जहाँ तक वो प्यार करता है !!
मजाक ना बना हमारे देशी पने का
देशी हूँ गवार नही !
अच्छे होते हैं वो लोग जो आकर चले जाते हैं,
थोड़ा ठहर कर जाने वाले बहुत रुलाते हैं।
टूटे हुए काँच की तरह चकनाचूर हो गए,
किसी को लग ना जाये इसलिए सबसे दूर हो गए।
राह-ए-वफ़ा में हमको खुशी की तलास थी,
दो कदम ही चले थे कि हर कदम पर रो पड़े।


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