एक छोटी सी गलती पर तू मुझे छोड़ गया
जैसे तू सदियों से मेरी गलती की तलाश में था
कितना खुशनुमा होगा
वो मेरे इँतज़ार का मंजर भी
जब ठुकराने वाला
मुझे फिर से पाने के लिये आँसु बहाएगा
कमाल की मोहब्बत थी उसको हमसे यारों
बिन बताये ही शुरू हुई और बिन बतायें ही ख़त्म
हर मस्ती हर खुशी तुमसे ही थी
मेरी दुनिया की रोशनी तुमसे ही थी
दिल की महफ़िल में रौनक भी तुम थी
सच तो ये है की मेरी जिंदगी तुम थी


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