कितना बुरा लगता है, 

जब बादल हो और बारिश ना हो,

जब आंखे हो और ख़्वाब ना हो, 

जब कोई अपना हो और कोई पास ना हो।

SAD SHAYARI


کتنا برا لگتا ہے

جب ابر آلود ہو اور بارش نہ ہو ،

جب آنکھیں ہوں اور کوئی خواب نہ ہو ،

جب کوئی آپ کا ہے اور کوئی قریب نہیں ہے۔


log kahte hai mohabbat itni karo ki dil pe savar ho jaye

par ham kahte hai ki mahabbat itni karoki bewafa ko pyar ho jaye


दिल सोचता है कि कोई तो आए और चुपके से आकर चौका कर दूर कर दे इस अकेलेपन को

फिर दिल करता है कुछ वक्त अकेले बिताने के इंसान जब भी अकेला होता है वह खुद के साथ होता है


Wo Tere Khat Teri Tasvir Aur Sookhe Phool,

Udaas Karti Hain Mujh Ko Nishaniyan Teri.


वो तेरे खत तेरी तस्वीर और सूखे फूल,

उदास करती हैं मुझ को निशानियाँ तेरी।