हाथ बांधे क्यों खड़े हो हादसों के सामने

हादसें भी कुछ नही है हौंसलो के सामने

 

SHAYARI

हाथ का मजहब नही देखते परिंदे

जो भी दाना दे खुशी से खा लेते है

 

ना थके कभी पैर ना कभी हिम्मत हारी है

हौंसला है ज़िन्दगी में कुछ कर दिखाने का

इसलिए अभी भी सफर जारी है

 

माना कि किस्मत मौका देती है लेकिन मेहनत चौका देती है

 

जन्नत का हर लम्हा दीदार किया था

माँ तुमने जब गोद मे उठाकर प्यार किया था

 

ज़िन्दगी कुछ साल के Lease पर मिली है

रजिस्ट्री के चक्कर मे ना पड़े

मस्त रहे,स्वस्थ रहे