हौसले बुलंद कर रास्तों पर चल दे
तुझे तेरी मंजिल मिल जायेगी,
बढ़ कर अकेला तू पहल कर
देखकर तुझे काफिला बन जायेगा।
Hausle Buland Kar Raston Par Chal De
Tujhe Teri Manjil Mil Jaayegi,
Badh Kar Akela Tu Pahal Kar
Dekhakar Tujhe Kaafila Ban Jaayega.
ज़मीर ज़िंदा रख…कबीर ज़िंदा रख
सुल्तान भी बन जाए तो दिल में फ़कीर ज़िंदा रख
हौंसले के तरकश में कोशिश का वो तीर ज़िंदा रख
हार जा चाहे ज़िन्दगी में सब कुछ
मगर फिर से जीतने की उम्मीद ज़िंदा रख
खोल दे पंख मेरे, कहता है परिंदा..
अभी और उड़ान बाकी है
ज़मीन नहीं है मंजिल मेरी,
अभी पूरा आसमान बाकी है


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